बीसलपुर परियोजना का अजमेर व जयपुर के आर्थिक विकास मे योगदानः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

Vol-3 | Issue-11 | November 2018 | Published Online: 10 November 2018    PDF ( 182 KB )
Author(s)
नन्दकिशोर सैनी 1

1शोधार्थी, आर्थिक प्रशासन एवं वित्तीय प्रबंध विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

Abstract

मानव विकास के लिए पानी एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है आर्थिक विकास, औद्योगिक विकास व मानव के लिए स्वच्छ पानी अति आवश्यक है बढती आबादी के कारण पानी में लगातार कमी होती जा रही है तथा डार्क जोन कि संख्या बढती जा रही भूमिगत जल का दोहन अधिक होने के कारण पानी का स्तर प्रतिवर्ष तीन मीटर नीचे जा रहा है भूमिगत जल स्तर के लगातार गिरने के कारण जल कि गुणवत्ता कमजोर होने के कारण व जल कि अनियमित सप्लाई के कारण सतही जल के ऐसे स्त्रोत कि आवश्यकता प्रबल होने लगी जो अजमेर व जयपुर शहर को 24 घण्टे शुद्ध जल उपलब्ध करा सके, बीसलपुर परियोजना के कारण जयपुर व अजमेर वासियों ने महसूस किया कि पानी की गुणवत्ता में बदलाव हुआ है। अब उन्हें पानी के लिए लाईन में नही लगना पडता है पानी का प्रेषर ऊपरी इलाको में सही आ रहा है तथा खराब जल के कारण पेट कि होने वाली बीमारियों से उन्हें निजात मिल गई है पानी के इंतजार वाला समय अब आर्थिक विकास में काम आ रहा है। यदि हम बीसलपुर परियोजना के कारण विस्थापित हुए 63 गांवों के निवासियों कि बात करे तो उनके सामाजिक व आर्थिक विकास को देखते हुए यह योजना विफल साबित हुई थी या हम कह सकते है कि हमने एक घर तबाह करके दो नये घर बना दिये है।

Keywords
भूमिगत जल, आर्थिक विकास, विस्थापित।
Statistics
Article View: 908