प्राथमिक स्कूलों में लागू शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता का अध्ययन

Vol-4 | Issue-01 | January 2019 | Published Online: 20 January 2019    PDF ( 321 KB )
Author(s)
Sadhana Kumari 1; Dr.Suman Sharma 2

1Research Scholar, OPJS University, Churu, Rajasthan

2Associate Professor, OPJS University, Churu, Rajasthan

Abstract

इस अध्ययन से यह ध्यान केंद्रित किया गया था कि प्राथमिक स्कूलों ने सर्व शिक्षा अभियान के कार्यान्वयन के बाद न्यूनतम बुनियादी सुविधाओं का विकास किया था।सर्वशिक्षा अभियान, असम मौजूदा प्राथमिक शिक्षा की स्थिति और पर्यावरण के उत्थान के लिए प्रयासरत था और उसने राज्य के सभी प्राथमिक स्कूली बच्चों के लियेे बस्तियों में भी नए स्कूल स्थापित किये गये। इसने प्राथमिक स्कूलों के बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने का भी प्रयास किया। शिक्षा गारंटी योजना और वैकल्पिक नवाचार शिक्षा के तहत, इसने सभी बच्चों के लिए शिक्षा की गारंटी दी।2001 में सर्वशिक्षा अभियान कार्यक्रम इस दिशा में एक नवीनतम पहल है। यह कार्यक्रम प्राथमिक शिक्षा के सार्वभौमिकरण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की एक समयबद्ध योजना है। जो केन्द्र, राज्य और स्थानीय निकायों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जिसमें उपयोगी एवं सार्थक प्रारंभिक शिक्षा के साथ समुदाय की सक्रिय सहभागिता से सामाजिक, क्षेत्रीय तथा लैगिंक असमानता को समाप्त करना तथा विद्यालय में बच्चों के सार्वभौमिक ठहराव को सुनिश्चित करना है। इस योजना के केन्द्र में मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र है। सभी को शिक्षा प्राप्त हो, इसके लिए अनेक सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है।

Keywords
प्राथमिक स्कूल, शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता, सर्वशिक्षा अभियान, प्राथमिक शिक्षा की स्थिति
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