प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: कृषि क्षेत्र में जोखिम प्रबंधन का अध्ययन
| Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 25 May 2019 PDF ( 1 MB ) | ||
| Author(s) | ||
| डाॅ0 कौशलेन्द्र विक्रम मिश्र 1; विपिन कुमार मिश्र 2 | ||
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1एसोसिएट प्रोफेसर’, अर्थशास्त्र विभाग, श्री गांधी पी0 जी0 कालेज मालटारी, आजमगढ़, उ0प्र0-222001,भारत. 2शोध छात्र, अर्थशास्त्र विभाग, श्री गांधी पी0 जी0 कालेज मालटारी, आजमगढ़, उ0प्र0-222001,भारत. |
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| Abstract | ||
कृषि आधारित उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए काफी अहम् है। आज भी कृषि एक बड़े हिस्से के रूप में आजीविका का माध्यम बनी हुई है। वर्ष 2014-15 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस सेंक्टर ने करीब 13 फीसदी का योगदान दिया था। वर्ष 1971 से कृषि में लगे श्रमिकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। कृषि एवं इससे संबद्ध क्षेत्र भारत की अधिकांश जनसंख्या, विषेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, के लिए आजीविका का मुख्य साधन है। यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के निर्धारण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। खाद्य सुरक्षा ,ग्रामीण, रोजगार और पर्यावरण तकनीक जैसें की मृदा संरक्षण ,प्राकृतिक संसाधनो का प्रबंधन आदि के सन्दर्भ में स्थायी कृषि समग्र ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है। समग्र ग्रामीण विकास हेतु भारतीय कृषि क्षेत्र हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, पीली क्रांति एवं नीली क्रांति का द्योतक रहा है। भारत में कृषि आसानी से देश के प्रमुख व्यवसायों में से एक है। दुर्भाग्य से, प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा आदि) की संभावना के कारण भारत में कृषि किसानों के लिए एक जोखिम भरा व्यवसाय हो सकता है। कृषि उत्पादों की घटती-बढ़ती कीमतें भी चिंता का स्रोत रही हैं। देश में किसानों की खातिर सरकार ने कृषि से जुड़े भारी जोखिम को हल्का करने के लिए फसल बीमा शुरू किया है। वर्ष 1985 में भारत में फसल बीमा की शुरुआत की गई थी जब सातवीं पंचवर्षीय योजना की घोषणा की गई थी। उस समय, सभी प्रमुख फसल उत्पादन को एक योजना ऑल रिस्क कॉम्प्रिहेंसिव क्रॉप इंश्योरेंस स्कीम (सीसीआईएस) के दायरे में लाया गया था। वर्ष 1999 में सीसीआईएस की जगह राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना लागू हुई। निजी खिलाड़ियों ने वर्ष 2003 में बाजार में प्रवेश किया। इसी संदर्भ में भारत सरकार ने असमान कीमतों और अनिश्चित पैदावार के जोखिमों से कृषि क्षेत्र की रक्षा करने के लिए फरवरी, वर्ष 2016 में ”प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना“ (पीएमएफबीवाई) को प्रारंभ किया।1 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक अग्रणी फसल बीमा योजना है, जिसका उद्देश्य देश के कृषक समुदाय की प्राकृतिक आपदाओं और आपदाओं के परिणामस्वरुप उत्पन्न होने वाले जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करना है व इसके पूर्व में संचालित दो फसल बीमा योजना ”राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना“ (एनएआईएस) और ”संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना“ (एमएनएआईएस) जैसी योजनाओं पर बढत प्रदान करना है। इस खंड में कृषि से संबंधित उत्पादों, अनुसंधान सरकार की विभिन्न नीतियों, योजनाओं, कृषि ऋण, कृषि उत्पादों के बाजार मूल्य, इत्यादि के बारे जानकारी प्रदान की गई है। |
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| Keywords | ||
| GDP, Insurance Agriculture, Risk Management, Crop Insurance, NAIS, MNAIS, PMFBY. | ||
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