प्रधानमंत्री जनधन योजना: एक समीक्षात्मक अध्ययन
| Vol-4 | Issue-6 | June 2019 | Published Online: 12 June 2019 PDF ( 109 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| सुमन कुमार प्रेमी 1 | ||
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1शोध छात्र अर्थशास्त्र विभाग महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी। |
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| Abstract | ||
भारत एक विकासशील देश है। देश के आबादी का खास करके ग्रामीण आबादी का बहुत बड़ा हिस्सा बैंकों की पहुँच से दूर है। भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार द्वारा कई पहल की गई थी लेकिन यह वांछित परिणाम नहीं दे रही थी। देश में सभी परिवारों को बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन मिशन के तहत इस योजना का शुरूआत की गई। प्रधानमंत्री जन-धन योजना को देश भर में प्रत्येक घर में कम से कम एक बैंक खाता प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य के साथ पेश किया गया। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भारत में घरों की वित्तीय समावेशन की वर्तमान स्थिति की जाँच करना है। अध्ययन से पता चला कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक देश में वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान अध्ययन का निष्कर्ष यह है कि सरकार और बैंकों के निरंतर प्रयासों के कारण वित्तीय समावेशन के प्रति सकारात्मक दिशा में प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी भारत में 100 प्रतिशत वित्तीय समावेशन के लिए और भी अधिक प्रयास की आवश्यकता है। |
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| Keywords | ||
| विकासशील देश राष्ट्रव्यापी वित्तीय | ||
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Statistics
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