पाकिस्तान की परमाणु नीति, लक्ष्य एवं आवश्यकता भारत के संदर्भ मेंः एक समीक्षा
| Vol-4 | Issue-11 | November 2019 | Published Online: 16 November 2019 PDF ( 1 MB ) | ||
| Author(s) | ||
एस0 सी0 श्रीवास्तव
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1रक्षा अध्ययन विभाग, जे0 पी0 पी0 जी0 कालेज, वाराणासी.-यू0पी0.-221302 |
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| Abstract | ||
विश्व के विभिन्न मुस्लिम देशों से प्राप्त आर्थिक सहायता एवं अनेक पश्चिमी देशों से गोपनीय ढ़ंग से आयातित तकनीकी ज्ञान व अपेक्षित कल पुर्जों के बल बूतों पर पाकिस्तान द्वारा रहस्यमयी ढंग से प्रारम्भ परमाणु बम निर्माण कार्यक्रम ने न केवल दक्षिण एशिया के स्त्रातेजिक परिदृश्य को तनावयुक्त व दुविधा पूर्ण बना दिया है अपितु इस देश में परमाणु प्रसार की सम्भावनायें काफी प्रबल हो गयी हैं। ‘‘इस्लामिक बम’’ के निर्माण के पीछे पाकिस्तान की न केवल मुस्लिम जगत का नेतृत्व करने की दुराश्ग छिपी हुई है अपितु वह भारत पर सामरिक श्रेष्ठता हासिल करके कश्मीर सहित विभिन्न द्विपक्षीय मसलों पर भारत को ब्लैकमेल करना चाहता है। जहां एक ओर पाकिस्तान सम्पूर्ण मुस्लिम जगत को इस शक्ति से सुसम्पन्न करने की नीति पर चल रहा था वहीं इसकी आड़ में सम्पूर्ण इस्लामिक देशों का नेतृत्व करने की भी पाकिस्तानी महत्वाकांक्षी थी, जिससे विश्व-राजनीति में उसकी भूमिका को प्रमुखता मिल सके। इतना ही नहीं ‘‘मुस्लिम-ब्लाक’’ को विश्व-राजनीति में एक दबाव समूह के रूप में स्थापित करने की भी उसकी योजना है। |
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| Keywords | ||
| परमाणु कार्यक्रमए इस्लामिक बमएमुस्लिम-ब्लाकए क्षेत्रीय शक्ति एव‘सामरिक श्रेष्ठता | ||
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