धर्मशास्त्रीय ज्ञान परम्परा का डिजिटलीकरण एवं ऑनलाइन खोज तन्त्र का विकास
| Vol-6 | Issue-08 | August-2021 | Published Online: 17 August 2021 PDF ( 533 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i08.010 | ||
| Author(s) | ||
आरुषि निगम
1;
सुभाष चंद्र
2
|
||
|
1एम.फिल. शोधच्छात्रा, संस्कृत विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, भारत 2सहायक आचार्य, संस्कृत विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, भारत |
||
| Abstract | ||
भारतीय शास्त्र परम्परा में धर्मशास्त्र सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, दार्शनिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, न्यायिक आदि परम्पराओं के प्रबन्धन का एक शास्त्र माना जाता है । धर्मशास्त्रीय ग्रन्थों में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला को समाहित किया गया है और यह विशेष रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है; आचार, व्यवहार और प्रायश्चित। धर्मशास्त्रीय ग्रन्थ मूल रूप से संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं तदनन्तर यह विभिन्न भाषाओं में अनुवादित किए गए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में एवं स्मार्ट फ़ोन तथा कम्प्यूटर डिवाइसेज़ के बढ़ते प्रयोग से ज्ञान परम्परा के आदान प्रदान के माध्यमों में परिवर्तन आया है। भारी भरकम ग्रन्थ का स्थान ई-पुस्तक ने ले लिया है। तकनीकी क्षेत्र में प्रचुर प्रगति होने के बाद भी संस्कृत के ग्रन्थों का डिजिटलीकरण बहुत ही कम हुआ है। धर्मशास्त्रीयग्रन्थों जैसे मनुस्मृति आदि के ज्ञानाभाव के कारण अनेक लोग इसकी निन्दा करते है। इसलिए प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य मनुस्मृति के पाठ को डिजिटाइज करके इसके लिए तत्काल सन्दर्भ प्रणाली विकसित करना है। इसके लिए मनुस्मृति का सम्पूर्ण डाटा यूनीकोड में देवनागरी लिपि में संकलित एवं डिजिटाइज किया गया है। धर्मशास्त्रीय अवधारणाओं को टैग करके एक वेब आधारित सूचना निष्कर्षण प्रणाली विकसित की गई है। जिसके माध्यम से विभिन्न लिपियों में इन्पुट लेकर मनुस्मृति में प्राप्त अवधारणाओं या इन्पुट से सम्बन्धित श्लोकों के हिन्दी एवं अंग्रेज़ी अनुवाद के साथ तत्काल सन्दर्भ प्राप्त किया जा सकता है। इस सिस्टम से सूचना प्राप्त करने के लिए दो माध्यम उपलब्ध हैं; पहला, मैन्युअल ‘शब्द’ टाइप करके एवं दूसरा धर्मशास्त्रीय अवधारणा मेनू में सूचीबद्ध विकल्पों में से किसी भी विकल्प का चयन करके। परिणामतः, खोजे गए शब्दों/ अवधारणाओं का पूरा सन्दर्भ तथा उसके द्विभाषी अनुवाद और लिप्यंतरण सहित उपयोगकर्ता के लिए सहजता से तुरन्त ही सुलभ होता है। यह सिस्टम दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की वेबसाईट http://cl.sanskrit.du.ac.in पर उपलब्ध है। मौजूदा सिस्टम प्रभावी ऑनलाइन टूल्स की कमी के कारण शिक्षण और शोध के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। |
||
| Keywords | ||
| धर्मशास्त्र, धर्मशास्त्रीय खोज, संस्कृत का डिजटलीकरण, धर्मशास्त्रों में खोज सूचना निष्कर्षण, मनुस्मृति का संगणकीय विश्लेषण, Information Extraction in Manusmriti, Sanskrit Text Search | ||
|
Statistics
Article View: 680
|
||


