जांजगीर-चांपा जिले में अल्पकालिक ग्रामीण उत्प्रवासियों का वितरण एवं घनत्व: एक भौगोलिक अध्ययन

Vol-6 | Issue-02 | February-2021 | Published Online: 14 February 2021    PDF ( 422 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i02.007
Author(s)
त्रयेन्द्र कुमार 1; डाॅ. उमा गोले 2

1शोध छात्र, भूगोल अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.)

2प्राध्यापक, भूगोल अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर (छ.ग.)

Abstract

जनसंख्या उत्प्रवास का तात्पर्य मानव का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा कर स्थायी या अस्थायी रुप से निवास करना है, जो गंतव्य स्थल की सामाजिक-आर्थिक एवं जनांकिकी तत्वों को स्पष्ट रुप से प्रभावित करती है। जनसंख्या उत्प्रवास एक व्यक्ति के रुप में, परिवार या जनसंख्या के विशाल समूह के रुप में हो सकती है, अस्तु भूगोल में जनसंख्या के उत्प्रवास का अध्ययन विशेष महत्व रखता है। छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चांपा जिले से सर्वाधिक जनसंख्या देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास करते है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए, जांजगीर-चांपा जिले के अल्पकालिक ग्रामीण उत्प्रवासियों के उत्प्रवास के वितरण एवं घनत्व का विश्लेषण करने का एक प्रयास है। शोध पत्र प्राथमिक एवं द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है। उत्प्रवास संबंधित जानकारी परिवार के मुखिया से साक्षात्कार एवं अनुसूची के माध्यम से प्राप्त की गयी है। जांजगीर-चांपा जिले में जनसंख्या का वितरण असमान है, यहाँ सर्वाधिक जनसंख्या 12.88ः चांपा विकासखण्ड़ के अन्तर्गत तथा सबसे कम 6.33ः बलौदा विकासखण्ड़ में निवास करती है। अधिकतम् अल्पकालिक ग्रामीण उत्प्रवास जैजैपुर विकासखण्ड से तथा सबसे कम ग्रामीण उत्प्रवास बलौदा विकासखण्ड़ से छत्तीसगढ़ से देश के विभिन्न राज्यों में प्रवासित होते हैं।

Keywords
उत्प्रवास, वितरण, एवं घनत्व।
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