जनसंचार का युग: एक अवलोकन

Vol-4 | Issue-01 | January 2019 | Published Online: 20 January 2019    PDF ( 187 KB )
Author(s)
महांतेश पाटील 1; डॉ. तबस्सुम खान 2

1शोधकत्र्ता, श्री सत्य साई विश्वविद्यालय आॅफ टेक्नौलाजी एण्ड मेडिकल साइन्सेस, सीहोर, एम.पी.

Abstract

आज जनसंचार का युग है। जनसंचार का यह युग सदियों से चला आ रहा है। प्रश्न उठता है कि मानव ने अपना पहला संदेश कब दिया था या उसने यह संदेश कब प्राप्त किया जिससे संचार या जनसंचार का सूत्रपात हुआ। इस बारे में अपना-अपना दृष्टिकोण है। इससे पहले कि जनसंचार के सूत्रपात की बात करें, यह जानना जरूरी है कि जनसंचार शब्द है क्या ? ‘जनसंचार’-इस शब्द समूह में प्रयुक्त शब्द ‘संचार’-अर्थात् किसी बात को आगे ‘बढ़ाना’ या ‘चलाना’ या ‘फैलाना’- की मूल धातु संस्कृत की ‘चर’ है। जिसका मतलब है ‘चलना’। दूसरे शब्दों में जब किसी भाव या विचार या जानकारी को दूसरों तक पहुंचाते हंै, और यह प्रक्रिया सामूहिक पैमाने पर होती है तो इसे ‘जनसंचार कहते हैं।

Keywords
इतिहास, जनसंचार, युग
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