गांधीवादी साहित्यकार विष्णु प्रभाकर

Vol-2 | Issue-9 | September 2017 | Published Online: 15 September 2017    PDF ( 204 KB )
Author(s)
हेमा शुक्ला 1
Abstract

प्रगतिशील  विचार धारा रखने वाले चरित्रों के माध्यम से विष्णु जी ने जहाॅं जाति-पाॅंति, छुआ-छुत, दहेज प्रथा आदि का खुलकर विरोध किया है वहीं आर्य समाज के माध्यम से ऐसी तमाम सामाजिक समस्यायों को हल करने का सुझाव भी दिया है ।
प्रगतिवादी विचारधारा वाले ये चरित्र स्त्री-पुरूष विभेद को भी अच्छा नहीं मानते बल्कि कमला, विभा तथा अलका जैसी नारियों के माध्यम से सामाजिक बुराईयों को तोड़ने व उसका खुलकर विरोध करने की बात की है और ये स्त्रियाॅं बड़े ही साहस के साथ तमाम बुराईयों का भी विरोध करती हंै।

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