कड़ाना बांध परियोजना और राजस्थान के बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों की जनजातियों का उत्थान

Vol-3 | Issue-06 | June 2018 | Published Online: 19 June 2018    PDF ( 293 KB )
Author(s)
Bhuri Lal Meena 1

1Lecturer, Geography, Government College Sarada, Udaipur (Rajasthan)

Abstract

विभिन्न कारकों के अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि उत्तरदाताओं के जीवन स्तर का निवास क्षेत्र से कोई सम्बन्ध नहीं है। अर्थात कड़ाना बांध योजना से राजस्थान के जनजातीय आबादी के जीवन स्तर में कोई बदलाव नहीं आया। इसी समान डूंगरपुर ओर बाँसवाड़ा के लोगों कड़ाना बांध परियोजना से परंपरागत रोजगार से इतर कोई नवीन अवसर प्राप्त नहीं हुए। इसके विपरीत इस परियोजना से क्षेत्र में प्रवास को बढ़ावा है क्‍योंकि कृषि की सम्भावनाएं कम हो गई है। इस परियोजना से पर्यटन आकर्षित करने में  भी कोई सफलता मिली है। हालांकि कड़ाना परियोजना से अध्ययन क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं बढ़ी है।

Keywords
कड़ाना बांध, रोजगार, पर्यटन, जीवन-उत्थान, जीवन स्तर
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