एका आंदोलन: किसान विद्रोह के संदर्भ में एक ऐतिहासिक अध्ययन
| Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 20 February 2019 PDF ( 293 KB ) | ||
| Author(s) | ||
अनिल कुमार
1
|
||
|
1शोध छात्र, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज |
||
| Abstract | ||
सदियों से सांगठनिक तौर पर गरीब किसानों में एकता का अभाव रहा है। संख्याबल में बहुतायत होते हुए भी अपने शोषण, उत्पीड़न और बदहाली के विरुद्ध उनकी एकता और संघर्ष इतिहास के बहुत कम कालखण्ड में दिखाई और सुनाई देते हैं। हर बार एकता और संघर्ष की शुरुआत को अभिजातवर्गीय समुदाय और शासन द्वारा नेस्तनाबूत कर दिया जाता रहा है। यह स्थिति आदि से आज तक बनी हुयी है। बावजूद इसके प्रस्तुत शोध प्रस्ताव का अध्ययन इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि इससे यह जानने में सहायता मिल सकेगी कि अन्नदाता के प्रति कुलीनतावादी समाज का रवैया इतिहास को अन्यायपरक बनाने में कितना सुसंगठित और ताकतवर रहा है तथा संविधान की न्यायपरकता अगर अब भी अभासी है तो इसका मूल कारण क्या है और स्वतंत्रोपरान्त इतने अर्से के शासन के बावजूद कृषक समस्याओं का वास्तविक समाधान क्यों नही हो सका? प्रस्तुत शोध प्रस्ताव ‘एका आंदोलन: किसान विद्रोह के संदर्भ में एक ऐतिहासिक अध्ययन’ में कई ऐसे तथ्यों का अध्ययन किया जाएगा जो कृषकों के प्रति छद्म को समझने तथा हाशिए के समाज के मुक्ति एवं संघर्ष की नई दिशा तलाशने में हमारी मदद करेंगे। किसानों के क्रांतिकारी तेवर को दबाने और कुलीनतावादियों को लाभ पहुंचाने का कार्य तब भी किया जाता था और आजादी के इतने सालांे बाद आज भी यह नीति जारी है, मगर यह आजादी वास्तव में किसके लिए लड़ी गई थी, इस प्रश्न का उत्तर एका आंदोलन जैसे जन आंदोलनों में ही तलाशा जा सकता है। |
||
| Keywords | ||
| किसान विद्रोह एका आंदोलन | ||
|
Statistics
Article View: 2207
|
||


