उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के अनुसूचित जाति के विधानमंडलीय अभिजनों की व्यावसायिक गतिशीलता एवं महत्वाकांक्षाएं: एक समाज वैज्ञानिक अध्ययन

Vol-4 | Issue-6 | June 2019 | Published Online: 12 June 2019
Author(s)
हर नाम सिंह 1; डॉ. यू. वी. सिंह 2

1शोध छात्र, समाजशास्त्र, सिंघानिया विश्वविद्यालय, झुंझुनू (राजस्थान)

2शोध निर्देशक, सिंघानिया विश्वविद्यालय, झुंझुनू (राजस्थान)

Abstract

व्यक्ति की व्यावसायिक महत्वाकांक्षाएं उसकी उपलब्धियों को भी निर्धारित करती है| इन्हीं तथ्यों की प्रामाणिकता परखने के लिए प्रस्तुत शोध प्रपत्र की प्रस्तुति इस दिशा में प्रयास है| कुल 96 (93 विधायक तथा 3 एम.एल.सी.) अनुसूचित जाति के विधानमंडलीय अभिजनों में से 50% न्यादर्श आधार पर संयोग न्यादर्श की लॉटरी विधि से 48 (46 विधायक तथा 2 एम.एल.सी.) अभिजन (सूचना दाता रूप में) अध्ययन की इकाइयां चुने गए हैं जिससे प्रत्यक्ष स्थिति में साक्षात्कार कर  तथ्य संकलित किए गए हैं| अनुसूचित जाति के लोग परंपरागत पेशे को छोड़ते जा रहे हैं या फिर मजबूरी बस कर रहे हैं; आदर्श व्यवसाय के प्रति  89.58% अपने व्यवसाय को आदर्श माना है ‘जो प्रतिष्ठा में वृद्धि करें’ और ‘जो व्यवसाय पैसा अर्जित करने की दृष्टि से अच्छा हो| अभिजनों की आकांक्षाएं हैं कि उनके बच्चे पढ़ लिखकर शिष्ट व्यवसाय करें ताकि उनके बच्चे मजबूत आर्थिक स्थिति वाले हो; यह परिकल्पना सत्य सिद्ध हुई है| अधिकांश अनुसूचित जाति अभिजनों के मन में जाति प्रथा को समाप्त कर भारतीय समाज में परिवर्तन लाने की है; परिकल्पना सत्य सिद्ध हुई है|

Keywords
विधानमंडलीय अभिजन, अनुसूचित जाति, व्यावसायिक गतिशीलता, महत्वाकांक्षाएं
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