ई.एच. कार का इतिहास लेखन
| Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019 PDF ( 169 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| संगीता 1 | ||
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1इतिहास प्रवक्ता, रा.व.मा.वि., गुजरानी, जिला भिवानी |
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| Abstract | ||
ऐतिहासिक घटनाओं के पीछे मानवीय मस्तिष्क की भूमिका निर्णायक रही है। इतिहासकार द्वारा इन घटनाओं के अन्तःस्थल में प्रवेश कर क्रिया-क्लापों के परिवेश में मानवीय मस्तिष्क को समझना ही इतिहास है। मानवीय क्रिया-क्लापों को प्रत्येक इतिहासकार ने अपने-अपने दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया है, जिस कारण इतिहास का अध्ययन विस्तृत और व्यापक हो गया है। अनेक इतिहासकारों ने इतिहास की व्याख्या अपने-अपने ढंग से की है। इन में क्राँन्चे, काॅम्टे, कोलिंगवुड, कार्ल-माक्र्स, मेक्स-बेबर, टायनबी और ई.एच. कार आदि का नाम लिया जा सकता है। ई.एच. कार के अनुसार इतिहास ”इतिहासकार तथा तथ्यों की अन्तःक्रिया“ पर आधारित हैं। अतः कार महोदय इतिहास लेखन में एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। |
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| Keywords | ||
| मानव जीवन, दृष्टिकोण, ई.एच.कार, ऐतिहासिक, बाबर, व्याख्यात्मक | ||
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