इलाहाबाद यू0पी0 ग्रामीण बैंक का प्राथमिकता क्षेत्र में योगदान का अध्ययन
| Vol-4 | Issue-04 | April 2019 | Published Online: 15 April 2019 PDF ( 121 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| अतुल कुमार द्विवेदी 1 | ||
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1शोध छात्र (वाणिज्य), महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट, सतना(म0प्र0) |
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| Abstract | ||
कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की केन्द्र बिंदु है व भारतीय लोगों के जीवन की धुरी है। कृषि आर्थिक जीवन का प्रमुख आधार है व रोजगार का मुख्य स्रोत है। यदि कृषि को देश की आधारशिला कह दिया जाए तो गलत नहीं होगा। देश की कुल श्रम शक्ति का लगभग आधा भाग कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित क्षेत्रों से ही अपना जीवन यापन कर रही है। अतः कृषि के विकास से ही भारत देश का विकास निर्भर करता है। भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र का विकास करने व किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने हेतु अनेक नीतियों का निर्माण किया गया है। कृषि के विकास में वित्त की महत्त्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उचित व सही समय पर, कम ब्याज दरों पर साख की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत साख की व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। इसके लिए सहकारी साख व्यवस्था, व्यापारिक बैंकों के राष्ट्रीयकरण व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना प्रमुख हैं। |
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| Keywords | ||
| भारतीय अर्थव्यवस्था, कुरूक्षेत्र, योजना। | ||
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