अशांत अफगानिस्तान में शांति का विकल्प
| Vol-4 | Issue-9 | September 2019 | Published Online: 16 September 2019 PDF ( 124 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डॉ श्याम मोहन अग्रवाल 1; डाॅ. मोहन लाल जाखड़ 2 | ||
|
1एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर 2शोधार्थी, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर |
||
| Abstract | ||
अफगानिस्तान में शांति व स्थायित्व न केवल भारत के लिए महत्वपूर्ण है, अपितु सम्पूर्ण वैश्विक व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। अमेरिका की सैन्य वापसी और उसके बाद उपजे हालातों निपटने के लिए अफगान सुरक्षा बलों की कमजोर रणनीति इत्यादि अनेक कारण है जो अफगानिस्तान में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के प्रयासों को अवरोध करते है। ऐसे में भारत के द्वारा पिछले एक दशक से किए गये विकास कार्यों पर भी विपरीत असर पड सकता है। इससे अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के प्रयासों को झटका लग सकता है। ऐसे में अमेरिका को अपने सैन्य वापसी और सैन्य कटौती के प्रस्तावों को नामंजूर करना होगा और अफगानिस्तान के लिए दीर्घकालीन रणनीत बनाते हुए अफगान सरकार को अधिक मजबूत करने के साथ-साथ वहाँ के सुरक्षा बलो और कानून व्यवस्था में सुधार करना भी आवश्यक है। |
||
| Keywords | ||
| ग्रेट गेम, महाशक्तियाँ, तालिबान रणनीतिक सहभागिता समझौता, 2$2 वार्ता, गठबंधन सेनाएं, समावेशी विकास, पुनर्निर्माण, प्रायोजित आतंकवाद, नृ-जातीय समूह। | ||
|
Statistics
Article View: 629
|
||

