अमरकांतः व्यक्तित्व एवं कृतित्व

Vol-4 | Issue-02 | February 2019 | Published Online: 10 February 2019    PDF ( 197 KB )
Author(s)
Updesh Devi 1

1Assistant Professor of Hindi, Guru College of Education, Mohindergarh (India)

Abstract

उत्तर प्रदेश के सबसे पूर्वी जिले बलिया में एक तहसील है ‘रसड़ा’। इस रसड़ा तहसील के सुपरिचित गाँव ‘नगरा’ से सटा हुआ एक छोटा-सा गाँव है- ‘भगनलपुर’। भगनलपुर गाँव तीन टोलों मेें बंटा है। गाँव के बीचों-बीच कायस्थों के तीन परिवार रहते थे।इन्हीं कायस्थ परिवारों में से एक परिवार था सीता राम वर्मा व भनन्ती देवी का। इन्हीं के पुत्र के रूप में 1 जुलाई, 1925 को अमरकांत का जन्म हुआ। अमरकांत का नाम श्रीराम रखा गया। इनके खानदान में लोग अपने नाम के साथ ‘लाल‘ लगाते थे। इसलिए अमरकांत का नाम भी ‘श्रीराम लाल’ हो गया। बचपन में ही किसी साधू-महात्मा द्वारा एक और नाम रखा गया था, वह नाम था- ‘अमर नाथ’। यह नाम अधिक प्रसिद्ध न हो सका, किन्तु स्वयं श्री रामलाल को इस नाम के प्रति अलगाव हो गया। इसलिए उन्होंने कुछ परिवर्तन करके अपना नाम ‘अमरकांत’ रख लिया। अपनी साहित्यिक कृŸिायाँ इसी नाम से प्रसिद्ध हुई।

Keywords
‘रसड़ा’ ‘अमरकांत’ ‘लाल’
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