अनुसूचित जनजातियों की शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन मधेपुरा के संदर्भ में
| Vol-3 | Issue-01 | January 2018 | Published Online: 28 January 2018 PDF ( 766 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| डा0 सूर्य प्रकाश कुमार 1 | ||
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1इतिहास विभाग बी0 एन0 एम0 यू मधेपुरा बिहार |
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| Abstract | ||
मधेपुरा जिला में अनुसूचित जनजातियों की शैक्षणिक स्थिति पर सिर्फ सरकारी योजनाओं में चर्चा हुई है, वास्तविकता तो यह है कि ये लोग अभी भी रोटी-दाल की चिंता से बाहर निकल नहीं पा रहे हैं । अगर ये स्कूल में नामांकन ले भी रहे हैं तो इसके पीछे इनका उद्देश्य मध्याह्न भोजन एवं ड्रेस आदि के लिए दी जाने वाली राशि है । जनजातियों की सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए उनके शैक्षणिक स्थिति में सुधार की अति आवश्यकता है । यह कथन काफी उपयुक्त है -‘‘शिक्षा सबसे ताकतवर हथियार है जिसका इस्तेमाल आप दुनिया बदलने के लिए कर सकते है ‘‘-नेल्सन मंडेला इस अध्ययन में शिक्षा के माध्यम से लोगों के अज्ञानता को दूर कर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया गया है । जनजातियों को संवैधानिक आधिकार प्राप्त है उनका उन्हें ज्ञान हो जाय जिससे उनका शोषण न हो सके । वे अपनी परम्परा एवम संस्कृति को संरक्षित कर सके और उनके गौरवपूर्ण इतिहास का साक्षी वर्तमान समाज बने एवं आने वाली हमारी पीढ़ियां भी रूबरू हो सके। |
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| Keywords | ||
| मध्याह्न भोजन, सामाजिक स्थिति, संस्कृति | ||
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Statistics
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