हिन्द प्रशांत क्षेत्र का बदलता हुआ रणनीतिक एवं सामरिक परिदृश्यः भारत एवं चीन के विशेष संदर्भ में

Vol-6 | Issue-04 | April-2021 | Published Online: 15 April 2021    PDF ( 148 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i04.022
Author(s)
Dr. Laxmi Narayan 1

1Assistant Professor (Political Science), Govt. College, Malsisar, Jhunjhunu, Rajasthan

Abstract

समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में क्षेत्रवाद महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरा है। पूरी दुनिया में देश विकास और शांति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय समूह गठित करने पर जोर दे रहे हैं। एक तरफ जहां चीन ने 21वीं शताब्दी की मेरीटाइम सिल्क रोड (एमएसआर) और वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) जैसी महत्वकांक्षी परियोजना के माध्यम से व्यापक कनेक्टिविटी की तरफ बढ़ते हुए दूर दराज के क्षेत्रों से आर्थिक गठजोड़ का विस्तार कर रहा है, वहीं भारत भी हिंद महासागर क्षेत्र और उससे भी आगे बढ़कर मौसम और स्पाइस रूट जैसे क्षेत्रीय सहयोग की पहल में सक्रिय है। दोनों ही देश नवाचार नीति पहल और घोषणाओं के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग के अपने एजेंडे को प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी धारणा बनती जा रही है। कि जल्द ही दोनों के बीच टकराव हो सकता है।

Keywords
हिंद महासागर, विदेश नीति, ब्लू इकोनामी, सामुद्रिक, मेरीटाइम सिल्क रोड़।
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