सुरक्षा, ब्यापक सुरक्षा एवं मानव सुरक्षा में अन्तर्सम्बन्धः एक विश्लेषण
| Vol-4 | Issue-04 | April 2019 | Published Online: 15 April 2019 PDF ( 293 KB ) | ||
| Author(s) | ||
डा0 विजेन्द्र सिंह
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1विभागाध्यक्ष; रक्षा एवं स्त्रातेजिक अध्ययन; सकलडीहा पी0 जी0 कालेज ,सकलडीहा बाजार, चन्दौली, उ0 प्र0। |
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| Abstract | ||
आधुनिक युग में सुरक्षा राष्ट्र एवं विश्व की सबसे प्रमुख ज्वलन्त समस्याओं में एक है। दुर्भाग्यवश सुरक्षा समस्याओं के आयाम इतने व्यापक हैं कि इनमें सम्बन्ध एवं अन्तर स्थापित कर पाना प्रायः कठिन होता है। इसके साथ ही साथ सुरक्षा को सटीक परिभाषित कर पाना भी सरल नहीं है। सुरक्षा की परम्परागत मान्यतायें एवं आधुनिक मान्यतायें अलग-अलग राष्ट्रों के लिए अलग-अलग ही सही प्रतीत होती हैं। सुरक्षा की आधुनिक मान्यताओं एवं परिभाषाओं का क्षेत्र इतना विस्तृत है कि यह मानव सुरक्षा के साथ ही साथ मानव विकास की अवधारणा को भी अति व्यापित कर लेता है। प्रस्तुत लेख सुरक्षा, मानव सुरक्षा एवं मानव विकास में अन्तर्सम्बन्धों की स्थापना एवं उसके घटकों पर प्रकाश डालता है। |
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| Keywords | ||
| मर्म मूल्य, खतरे, संघर्ष, विकास, शांति | ||
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