भारतीय इतिहास में द्वितीय कर्नाटक युद्ध के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों का एक अध्ययन

Vol-3 | Issue-01 | January 2018 | Published Online: 28 January 2018    PDF ( 137 KB )
Author(s)
DR MANJAY PD. KASHYAP 1

1Assistant Teacher, Lakhisarai (Government of Bihar)

Abstract

भारत के इतिहास में कर्नाटक के तीन युद्धों का वर्णन मिलता है। यह युद्ध वर्ष 1746 ई0 से 1763 ई0 तक लड़ा गया। भारत में अंगेे्रज और फ्रांसीसियों के बीच हुए इन तीन संघर्षों को कर्नाटक युद्ध के नाम से जाना जाता है। 17वीं और 18वीं शताब्दी में यह संघर्ष कर्नाटक के क्षेत्र में अंग्रेज और फ्रांसीसी के बीच व्यापार पर आधिपत्य के लिए हुए। व्यापार के लिए संघर्ष के कारण भारत की राजनीति में भी फ्रांसिसियों का दखल शुरू होने लगा। प्रस्तुत शोध-आलेख मे विषय-क्षेत्र को मात्र कर्नाटक के द्वितीय युद्ध के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों को ही अध्ययन में सीमित रखा गया है। ऐतिहासिक घटनाओं पर अधारित इस अध्ययन में विषय-क्षेत्र से संबंधित तमाम महत्वपूर्ण पक्षों को रेखांकित करने का प्रयास किया गया है।

Keywords
संघर्ष, उत्तरदायी, आधिपत्य
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