उत्तराखण्ड प्रदेश में भूस्खलन एंव भू-स्खलन से प्रभाव
| Vol-6 | Issue-02 | February-2021 | Published Online: 14 February 2021 PDF ( 944 KB ) | ||
| DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i02.021 | ||
| Author(s) | ||
डाॅं0 गुरूप्रसाद थपलियाल
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1प्रवक्ता भूगोल विभाग रा0 महाविद्यालय नैखरी चद्रवदनी टिहरी गढवाल उत्तराखण्ड |
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| Abstract | ||
उत्तराखंण्ड प्रदेश में भूस्खलन की प्रक्रिया सदा अनवरत रही है।यह प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के रूप में अति संवेदनशील रहा है। क्योंकि हिमालय पर्वत विश्व के नवीनतम पर्वत श्रखला माना जाता है।जिसका निर्माण अवसादो से हुआ है।वर्तमान समय में उत्तरा खंण्ड प्रदेश में हिमस्खलन, सडक निर्माण, भूकम्प, वाढ, पशुओं द्धारा अनियंत्रित चराई एंव पर्वतीय क्षेत्रों में बाँधो के वनने से प्रदेश में भूस्खलनो से अत्यधिक जान मान की हानी हो रही है। प्राकृतिक आपदाओं को रोका तो नही जा सकता है। भूस्खलनो से होने वाले जान मान के हानी को कुद्द कम किया जा सकता है। |
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| Keywords | ||
| हिमस्खलन, सडक निर्माण, भूकम्प, वाढ, भूस्खलन | ||
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