जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के ऋण अग्रिम एवं अमानतो का स्पियरमेन कोटि सहसंबंध के साथ तुलनात्मक विश्लेषण

Vol-3 | Issue-09 | September 2018 | Published Online: 07 September 2018    PDF ( 574 KB )
DOI: https://doi.org/10.5281/zenodo.1411515
Author(s)
शर्मा मनोज कुमार 1; चौबे डॉ. चन्द्रशेखर 2; खनूजा डॉ. एस. एस. 3

1शोधार्थी (सहा. प्राध्यापक वाणिज्य), शासकीय सुखराम नागे महाविध्यालय, नगरी (छत्तीसगढ़)

2निर्देशक (प्राचार्य) बी.सी.एस. शासकीय स्नातकोत्तर महाविध्यालय, धमतरी (छत्तीसगढ़)

3सहनिर्देशक (प्राचार्य) दुर्गा महाविध्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़)

Abstract

सहकारिता का देश की आर्थिक प्रगति मे अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान है| सहकारी बैंकिंग प्रणाली के त्रिस्तरीय ढांचागत स्टार मे जिला सहकारी बेंको की भूमिका राज्य सहकारी बैंक एवं जमीनी स्तर पर काम कर रही प्राथमिक सहकारी साख समितियों के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप मे काम कर रही मध्यस्थ के रूप मे रही है जिसमे ग्रामीण कृषि एवं विकास के लिए सहकारिता के क्षेत्र मे कार्य कर रही दोनों शीर्ष एवं ग्रामीण स्तर की संस्थाओ एवं इससे जुड़े कृषको के विकास के क्रम को नई ऊंचाईयां प्रदान की है | सहकारी बैंकिंग संरचना मे जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अपनी संगठनात्मक संरचना ग्राहक तथा ऋण सबंधी सेवा प्रदान करने मे तथा शासकीय योजनाओ के क्रियान्वयन मे अपनी भूमिका का निर्वहन करने मे अपना विशिष्ट स्थान रखते है | प्रस्तुत शोधपत्र का उद्देश्य स्पियरमेन कोटि सहसंबंध सांखिकीय तकनिकी के माध्यम से सहकारी ऋण एवं साख संरचना के ढांचे मे नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य की प्रुमुख सहकारी बेंको के रूप मे अपना योगदान प्रदान कर रही जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित रायपुर एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. बिलासपुर के अमानतो एवं ऋण व अग्रिम का तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए उनकी प्रवृति की जाँच करना है |                    

Keywords
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, ऋण व अग्रिम, अमानत, ऋण जमा अनुपात
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