मुबारकपुर हथकरघा उद्योग में महिलाओं की दशा का अध्ययन

Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 15 March 2019    PDF ( 421 KB )
Author(s)
डाॅ0 कौशलेन्द्र विक्रम 1; मिश्र लवकुश सिंह 2

1एसोशिएट प्रोफेसर, श्री गांधी पी0जी0 कालेज मालटारी, आजमगढ़ उ0प्र0 (सम्बद्धः वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल वि0वि0 जौनपुर उ0प्र0)

2शोध छात्र अर्थशास्त्र विभाग, श्री गांधी पी0जी0 कालेज मालटारी, आजमगढ़ उ0प्र0 (सम्बद्धः वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल वि0वि0 जौनपुर उ0प्र0)

Abstract

हथकरघा उद्योग भारत की विरासत का एक हिस्सा है और देश की समृद्धि और विविधता के लिए बुनकरों की कलात्मकता का परिचय देता है। उत्तर प्रदेश भारत के प्रमुख राज्यों में से एक है जिसका कुल क्षेत्रफल 240928 वर्ग किमी0 है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का पांचवा राज्य है। जबकि जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है। वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में कुल 75 जनपद हंै। प्रदेश में चार जनपद-वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर एवं मऊ को हथकरघा के लिए विशिष्ट स्थान प्राप्त है। हथकरघा उद्योग में आजमगढ़ शहर, वाराणसी के बाद दूसरे स्थान पर है। मुबारकपुर, आजमगढ़ जनपद का नगर पालिका परिषद ( टाउन एरिया ) है, जो पर्यटक स्थल होने के साथ-साथ बुनाई का प्रमुख केन्द्र भी है। बुनाई मुबारकपुर शहर का प्रमुख व्यवसाय है। मुबारकपुर की आकर्षक साड़ियां देश विदेश में प्रसिद्ध हैं। जनगणना 2011 के अनुसार मुबारकपुर शहर की कुल आबादी 70,365 है, जिसमें 49 प्रतिशत पुरुष एवं 51 प्रतिशत महिलाएं हैं। हथकरघा उद्योग महिलाओं के रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। मुबारकपुर हथकरघा पारम्परिक ढ़ांचे पर आधारित होने के कारण नई नई तकनीकों के सामने प्रतिस्पर्धा करने में बहुत सारी कठिनाइयों व समस्याओं से ग्रसित है।

Keywords
हथकरघा उद्योग, समृद्धि, विविधता
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