ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव

Vol-6 | Issue-07 | July-2021 | Published Online: 15 July 2021    PDF ( 155 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2021.v06.i07.005
Author(s)
डाॅ. मनीता कौर विरदी 1

1सहायक प्राध्यापक, राजनीति विज्ञान विभाग, षा. महाविद्यालय बिछुआ जिला छिंदवाड़ा (म.प्र)

Abstract

ग्लोबल र्वािर्मंग 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो हमारे वैष्विक समाज की संरचना को चुनौति देता है। ग्लोबल वार्मिंग, वातावरण में ग्रीन हाउस गैसो की भारी वृद्धि के कारण होता है। बिजली उत्पादन में जीवाष्म ईंधन का लगातार उपयोग किया जा रहा है। इन ईंधनों के जलने से कार्बन डाइआॅक्साइड, मीथेन और नाइट्रस आक्ॅसाइड जैसी गैसे निकलती है जिससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा लगातार पृथ्वी के पर्यावरण को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है। उर्जा के नवीनकरणीय स्त्रोतों को खोजना और उनका उपयोग करना आवष्यक हो गया है। इन्ही समस्याओं के समाधान खोजने का एक छोटा सा प्रयत्न इस षोध पत्र में किया गया, कैसे और क्यों परिवर्तन हो रहे है। जलवायु परिवर्तन के पूर्वानुमानित प्रभाव को देखना, खोज करना, प्रस्तावित समाधानों की व्याख्या करना।

Keywords
ग्लोबल वार्मिंग, तापमान, जलवायु परिवर्तन।
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