डाॅ॰ तुलसीराम के प्रेरक-स्रोत

Vol-3 | Issue-11 | November 2018 | Published Online: 10 November 2018    PDF ( 146 KB )
Author(s)
ज्वाला चन्द्र चौधरी 1

1शोधार्थी, विश्वविद्यालय हिन्दी-विभाग, ल॰ना॰ मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा

Abstract

डाॅ॰ तुलसीराम पर अनेक चिंतकों, विचारकों तथा दार्शनिकों का व्यापक प्रभाव पड़ा हुआ है। उनके प्रेरक स्रोत के रूप में माक्र्स, अंबेडकर, गाँधी, पेरियार आदि को रखा जा सकता है। माक्र्स और अंबेदकर से उन्हें शक्ति मिलती है तथा गाँधी और पेरियार से उनके चिंतन में समन्वय की चेतना आती है। डाॅ॰ तुलसीराम इसी वजह से अन्य दलित कारों से अलग रूप में दिखते हैं। जहाँ अन्य दलित-लेखक सवर्णों के प्रति कट्टरता का भाव रखते हैं, वहीं अंबेडकरजी उनके प्रति सहानुभूति रखते हैं। अतएव कहा जा सकता है कि तुलसीराम की वैचारिकता में देश और दुनिया के तमाम चिंतकों का योगदान है।

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