मध्यप्रदेश के कृषि विकास में सिंचाई परियोजनाओं के योगदान का विश्लेषणात्मक अध्ययन
| Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019 PDF ( 419 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| विजय कुमार अहिरवार 1; डाॅ.(श्रीमती) रश्मि चौबे 2 | ||
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1शोधार्थी अर्थशास्त्र विभाग रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर (म.प्र.) 2निर्देशिका प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (अर्थशास्त्र) शासकीय मानकुवंर बाई कला एवं वाणिज्य महिला स्वशासी महाविद्यालय,जबलपुर (म.प्र.) |
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| Abstract | ||
कृषि के विकास में सिंचाई एक प्रमुख साधन है, और सिंचाई के विकास में विभिन्न परियोजनाओं व सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कृषि न केवल खाद्यान्न की दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़े राज्य में कृषि एक प्रमुख व्यवसाय के रूप में कार्यरत है, जिसके माध्यम से अनेको प्रकार के कृषि संबंधी कार्य किये जाते है, और इन्ही कार्यो की सहायता से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का काम किया जाता है। मध्यप्रदेश राज्य जल संसाधन की दृष्टि से संपन्न होने के कारण यहाँ पर सिंचाई परियोजनाओं की उपयोगिता अत्यधिक रूप से बढ़ जाती है। राज्य में सिंचाई परियोजनाओं को मुख्यतः तीन भागों में विभाजित किया गया है, जिन्हे लघु, मध्यम एवं वृहत् सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत रखा गया है। राज्य में कृषि विकास हेतु वृहद्, मध्यम एवं लघु परियोजनाओं को पूर्ण कर इनसे सिंचाई के लिए लगभग 9535 किलोमीटर लंबी नहरों का निर्माण किया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से उपलब्ध जल संसाधनों का कृषि एवं विद्युत उत्पादन के कार्य में एक सुनियोजित तरीके से उपयोग किया जाता है। इन परियोजनाओं से कृषि भूमि के लिए सिंचाई क्षमता को निर्मित कर, वंजर भूमि को कृषि योग्य बनाने तथा इनसे विभिन्न प्रयोजनों को पूरा करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। |
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| Keywords | ||
| कृषि, विकास ,सिंचाई, अर्थव्यवस्था, परियोजनाएँ, खाद्यान्न,जल, उत्पादन आदि। | ||
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