मनरेगा का महिलाओं के आर्थिक स्थिति में परिवर्तन का अध्ययन: प्रयागराज जनपद के विशेष संदर्भ में
| Vol-4 | Issue-04 | April 2019 | Published Online: 15 April 2019 PDF ( 368 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| सुमन कुमार प्रेमी 1 | ||
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1शोध छात्र, अर्थशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी |
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| Abstract | ||
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) एक जाॅब गारंटी स्कीम है। इस अधिनियम को 25 अगस्त 2005 को संवैधानिक मंजूरी मिली । इस योजना में अकुशल वयस्क कामगारों को 100 दिनों की रोजगार की गारंटी प्रदान की जाती है। जाॅब नहीं मिलने की दशा में बेरोजगारी भत्ता मूल मजदूरी का एक तिहाई होता है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य गरीबी व बेरोजगारी को दूर करने के साथ-साथ आय की असमानता को कम करना है। इस योजना में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया गया है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य मनरेगा कार्यक्रम के फलस्वरूप इलाहाबाद जनपद के महिलाओं की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन का अध्ययन करना है। साथ-ही-साथ यह जानना है कि यह योजना किस प्रकार निर्धन, अकुशल कामगारों को रोजगार प्रदान करके, आर्थिक-सामाजिक असमानता को कम करने के साथ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। यह शोध पत्र प्राथमिक डाटा पर आधारित है। प्राथमिक डाटा का संकलन इलाहाबाद जनपद के 130 महिला मनरेगा श्रमिक उत्तरदाताओं से अनुसूची (Schedule) तथा तालिका (Table) के माध्यम से एकत्र किया गया है। विश्लेषण, विवेचन तथा निष्कर्ष के लिए तालिका, चार्ट तथा प्रतिशत प्रणाली का प्रयोग किया गया है। |
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| Keywords | ||
| गरीबी, आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण,समावेशी विकास | ||
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Statistics
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