भारतीय संस्कृति और हिन्दी

Vol-5 | Issue-6 | June-2020 | Published Online: 15 June 2020    PDF ( 286 KB )
DOI: https://doi.org/10.31305/rrijm.2020.v05.i06.007
Author(s)
Dr.K.Jayalakshmi 1

1Associate Professor, Department of Languages, SSL, VIT, Vellore -632014 (India)

Abstract

भाषा मात्र अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है बल्कि वह किसी देश की संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी होती है। हर भाषा की अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा हैं। भाषा साहित्य एवं संस्कृति की पहचान है। भाषा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा साहित्य और संस्कृति का स्वरूप बनाते हैं। भाषा वह सांस्कृतिक आधार है जो एक दूसरे के पूरक हैं। हर संस्कृति का संरक्षण और विकास में उस देश की भाषा का विकास आवश्यक है ।हिन्दी प्राचीन भाषाओं में से है जिसका इतिहास हजारों वर्ष पुरानी है, और साथ ही हिन्दी साहित्य सर्वश्रेष्ठ है जिसकी विकास यात्रा में हमारी संस्कृति का दर्शन होता है। भाषा, साहित्य और संस्कृति का अध्ययन इसी कारण महत्त्वपूर्ण हो जाता है। भाषा के माध्यम से हमारी विरासत याने संस्कृति आगे बढ़ती है और इसलिए साहित्य संस्कृति का वाहक है और साहित्य की भाषा उसके रक्षक और पोषक हैं।

Keywords
भारतीय संस्कृति, हिन्दी, साहित्य
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