मुंशी प्रेमचंद और उनका युग एवं कृतियाँ
| Vol-3 | Issue-11 | November 2018 | Published Online: 10 November 2018 PDF ( 203 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| मोनिया दीक्षित 1 | ||
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1हिंदी विभाग, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, हरियाणा |
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| Abstract | ||
मुंशी प्रेमचंद ने साहित्य की यथार्थवादी परंपरा की नींव रखी। वे एक संवेदनशील लेखक, सचेत नागरिक, कुशल वक्ता तथा सुधी (विद्वान) संपादक थे। प्रेमचंद के बाद जिन लोगों ने साहित्य को सामाजिक सरोकारों और प्रगतिशील मूल्यों के साथ आगे बढ़ाने का काम किया, उनमें यशपाल से लेकर मुक्तिबोध तक शामिल हैं। उनके पुत्र हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतराय हैं जिन्होंने इन्हें कलम का सिपाही नाम दिया था। |
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