सांख्य-योग दर्शन में प्रयुक्त परिभाषिक शब्दों के लिये ऑनलाइन सूचना निष्कर्षण तन्त्र
| Vol-4 | Issue-6 | June 2019 | Published Online: 12 June 2019 PDF ( 954 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| अन्जू 1; चन्द्र सुभाष 2 | ||
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1पीएच.डी. (शोधार्थी), संस्कृत विभाग, कला संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, भारत 2सहायक आचार्य, संस्कृत विभाग, कला संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली, भारत |
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| Abstract | ||
संस्कृत जगत में प्रारम्भ से ही पारिभाषिक शब्दों के निर्माण और उपयोग का प्रचलन रहा है । ज्ञान की किसी विशेष विधा (कार्य क्षेत्र) में प्रयोग किये जाने वाले शब्दों की उनकी परिभाषा सहित सूची पारिभाषिक शब्दावली (glossary) या पारिभाषाकोश कहलाती है । पारिभाषिक शब्दों का प्रयोग जटिल तथ्यों की अभिव्यक्ति को सहज एवं सुगम बनाने के लिये किया जाता है । जिससे किसी भी शास्त्र को सरलतापूर्वक समझा जा सकता है । संस्कृत में कोश परम्परा के अन्तर्गत सर्वप्रथम शब्दावली के रूप में निघंटु प्राप्त होता है । जिसमें वैदिक शब्दों का संग्रह किया गया है । इस प्रकार के परिभाषाकोश किसी भी ग्रन्थ या शास्त्र को समझने में सहायक होते हैं । भारतीय दर्शन भी विभिन्न प्रकार के पारिभाषिक शब्दों का प्रयोग करता है । जिसका तात्पर्य दर्शन शास्त्र के किसी विशिष्ट अवधारणा को स्थापित करना होता है । परन्तु सामान्य रूप से वही शब्द किसी अन्य अर्थ को बताता है । भारतीय दर्शन से सम्बन्धित मुद्रित रूप में अनेक पारिभाषिक कोश उपलब्ध हैं । सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति कम समय में ऑनलाइन सूचनाएं प्राप्त करना चाहता है । इसी उद्देश्य से सांख्य-योग दर्शन के पारिभाषिक शब्दों के लिये ऑनलाइन सूचना तंत्र विकास किया जा रहा है । जिसके माध्यम से इस प्रकार की ज्ञानार्जन सामग्री इंटरनेट के माध्यम से बस एक ही क्लिक में उपलब्ध हो सकती है । इस शोधपत्र का मुख्य उद्देश्य इस सिस्टम का प्रदर्शन करना है । जिससे कम्प्यूटर एवं ई-लर्निंग के इस वर्तमान परिवेश में संस्कृत के छात्र एवं शिक्षक तथा संस्कृत से इतर लोग भी सरलता पूर्वक सांख्य-योग दर्शन को समझने में समर्थ हो सकें । यह ऑनलाइन सर्च सिस्टम संस्कृत विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://cl.sanskrit.du.ac.in पर उपलब्ध है । यह सिस्टम अभी विकासाधीन है । अभी तक इस सिस्टम में कुल 50 पारिभाषिक शब्द शामिल हैं । यह सिस्टम मुद्रित एवं ऑनलाइन रूप में उपलब्ध सभी पारिभाषिक कोशो से बिल्कुल भिन्न है। क्योंकि इस सिस्टम द्वारा प्रदत्त पारिभाषिक शब्दों से सम्बन्धित सूचनाएं विस्तार में होती है साथ ही साथ प्रत्येक शब्दों के विभिन्न अर्थों की भी सूचनाएं विश्लेषण के रूप में प्राप्त होती है । |
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| Keywords | ||
| दर्शन परिभाषाकोश, परिभाषाकोश, सांख्य-योग दर्शन, सांख्यकोश, योगकोश आदि । | ||
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