सामाजिक परिप्रेक्ष्य में कला शिक्षा एवं कलाकार

Vol-4 | Issue-5 | May 2019 | Published Online: 15 May 2019    PDF ( 120 KB )
Author(s)
डा0 अलका आर्य 1

1अध्यक्षा-चित्रकला विभाग श्री स0ध0प्र0च0क0 स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रूड़की (हरिद्वार)

Abstract

जीवन के सर्वांगीण विकास हेतु कला शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान होता है। कला शिक्षा हमें मानवीय सामाजिक संवेदना तथा सौन्दर्य चेतना के साथ विकासोन्मुख सृजन की ओर प्रेरित करती है। शिक्षा के क्षेत्र में कला के प्रवेश के कारण मानव की अभिव्यक्ति और आनंदानुभूति दोनों उत्कर्ष को प्राप्त होते है। कला की शिक्षा मानव समाज को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतर सोपानों की ओर ले जा सकती है। अतः मानव जीवन के चारित्रिक विकास, नैतिक उत्थान और आत्मिक गुणों के सम्बर्द्धन में कला और कलाकार की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

Keywords
उदात्त , उन्नयन, सम्प्रेषण
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