शरद सिंह के साहित्य में स्त्री जीवन परं चिन्तन
| Vol-4 | Issue-03 | March 2019 | Published Online: 13 March 2019 PDF ( 118 KB ) | ||
| Author(s) | ||
| सोनिका 1; डॉ० दर्शना 2 | ||
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1शोधकत्र्ता, कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर 2शोध निर्देशक, कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर |
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| Abstract | ||
स्त्री जीवन का सूक्ष्म विश्लेषण इनके कथानकों की विशेषता है। इनकी कहानियों में उपस्थिति स्त्री विमर्श पूर्वाग्रह-मुक्त दस्तावेज़ी अन्वेषण के रुप में उभर कर सामने आता है और वैचारिक अर्थवŸाा के साथ-साथ साहित्यिक मानकों पर भी खरा उतरा है। इनकी कहानियों का नाटय मंचन भी किया गया है। शरद सिंह की कहानियों एवं उपन्यासों में नए कथ्य की खोज मिलती है। वह समाज में उपस्थित उन बिन्दुओं पर लिखना पसंद करती हैं जो प्रायः अछूते रह जाते हैं। मध्यप्रदेश में जन्मी शरद सिंह हिंदी के आधुनिक कथा साहित्य का सितारा है। उनके लेखन में जबरदस्त क्षमता है और अनछुए विषयों को उजागर करने की तड़प है। |
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| Keywords | ||
| स्त्री जीवन, शरद सिंह | ||
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